भाई ने सगी बहन की पहली चुदाई देखी | antarwasna hindi sex story

 सुबह पूजा का भाई जय मेरे पास आया और मुझसे बोला- राज, मैंने रात को तुम दोनों को देखा था.

उसकी यह बात सुनकर एक पल के लिए तो मैं डर सा गया कि कहीं किसी को बोल ना दे, खामखा का बवाल हो जाएगा.


फिर मुझे याद आया कि पूजा ने बताया था कि जय को सब पता है, वह अपना मुँह बंद रखने का कुछ लेता है बस!


मैं- बोला- हां तो क्या चाहिए तुझे … बोल!

उसने कहा- मेरे जूते फट गए हैं तो नए शूज़ दिला दो.


मैंने सोचा कि ये लौंडा तो बहुत मंहगा साबित हो जाएगा … कहीं साला आगे चल कर मेरी जेब पर भारी न पड़ जाए.


तो मैंने कहा- जय, ये कुछ ज्यादा नहीं है?

वह बोला- नहीं, इससे पहले तो नई ड्रेस ली थी!


मैं सोचने लगा कि साला बहन का लंड अपनी बहन की चूत की दलाली खाता है.

फिर मैं बोला- चल शूज़ दिला दूंगा, लेकिन मुझे पूजा के बारे में सब जानना है!


‘उसकी अलग कीमत लगेगी, सिर्फ जूतों से काम नहीं चलेगा!’

‘ठीक है दिला दूंगा, अभी तू मुझे सब कुछ बता!’


उसने बताना शुरू किया.

जय- ये सब पूजा ने कमसिन उम्र से ही शुरू कर दिया था. सबसे पहले उसके साथ एक लड़का था नरेन्द्र, उससे ही उसकी शुरुआत हुई थी. वह पूजा को अपने घर बुलाता था. उसका घर मेरे घर से 2 घर दूर है, तो मेरी बहन पूजा और मेरे ताऊजी की बेटी माया जीजी दोनों साथ रहती थीं. माया जीजी पूजा से 4 साल बड़ी थी तो उसको सेक्स का सब पता था.


मैं- तो जय तुझे ये सब कब पता चला?

जय बताने लगा:


एक दिन मैं स्कूल से पूजा के साथ आधी छुट्टी में ही घर आ गया था.

पूजा मुझसे बोली- मैं माया जीजी के घर पर जा रही हूँ, बाद में आऊंगी. मैं कुछ नहीं बोला और अकेला ही घर आ गया.


मैं घर आया तो मम्मी ने पूछा- पूजा कहां है?

मैंने कहा- वह माया जीजी के घर गई है.

मम्मी- उसको बुला कर ला.


मैं माया जीजी के घर गया तो वे दोनों नरेन्द्र के बाड़े की ओर जा रही थीं.


तभी मैं उनके पीछे पीछे गया.

तो वहां पर नरेन्द्र पहले से बैठा था.


वे सब एक कमरे में आ गए थे और मैं दीवार के ऊपर से देख रहा था.


कुछ देर बाद माया जीजी की आवाज आई- आराम से कर, मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

मैं यह सुनकर अवाक रह गया कि यह तो घपाघप वाला मामला समझ आता है,


तब मैं फट से दीवार पर चढ़ा और फांद कर बाड़े के अन्दर आ गया.

उधर से कमरे की खिड़की से झांक कर अन्दर का नजारा देखने लगा


अन्दर माया जीजी घोड़ी बनी हुई थीं.

उन्होंने अपनी सलवार निकाल रखी थी और नरेन्द्र अपनी नेकर निकाल कर माया जीजी के ऊपर चढ़ा हुआ था.


पूजा उन दोनों को सेक्स करता हुआ देख रही थी.


माया जीजी चिल्ला रही थीं- आह आह आह्ह्ह … धीरे चोद न!


पूजा ने जीजी से पूछा- क्या ज्यादा दर्द हो रहा है?

माया जीजी बोलीं- नहीं, मजा आ रहा है. मस्त खेल है.


इस पर पूजा जीजी से बोली- मुझे भी यह खेल खेलना है.

नरेन्द्र बोला- हां ठीक है. इसके बाद तुम आ जाना.


लेकिन माया जीजी ने नरेन्द्र से पूजा के साथ खेल खेलने से मना कर दिया- अभी नहीं, अभी वह छोटी है.


फिर नरेन्द्र माया जीजी को किस करने लगा और उनको सीधा लिटा कर उनके ऊपर चढ़ गया.

उसने अपने लंड को माया दीदी की चूत में फिट किया और जोर जोर से झटके देने लगा.


माया जीजी भी नीचे से अपनी गांड उठा कर झटके मार रही थीं.


थोड़ी देर बाद माया जीजी की चूत से सफेद क्रीम सी निकली और नरेन्द्र के लंड से भी वैसी ही क्रीम निकलने लगी.


उन दोनों ने अलग होकर उस क्रीम को साफ किया और माया जीजी उठ कर कपड़े पहनने लगीं.


तभी नरेन्द्र ने पूजा का हाथ पकड़ लिया और उसे किस करने लगा.

माया जीजी खड़ी होकर देख रही थीं.


अब नरेन्द्र माया जीजी के कपड़ों के ऊपर से ही उनके बोबे दबाने लगा तो माया जीजी ने उसको मना कर दिया.

वे बोलीं- ये सब अभी रहने दो, सिर्फ किस ही कर लो.


नरेन्द्र मान गया और कुछ देर बाद पूजा व माया जीजी दोनों घर आ गईं.


माया जीजी की चाल बदल गई थी.

वे ऐसे चल रही थीं, जैसे उनको बहुत दर्द हो रहा हो.


पूजा अपने घर आ गई.

फिर वह अपनी ड्रेस चेंज करने बाथरूम में गई तो पीछे से मैं भी चला गया कि आज पूजा से पूछता हूँ कि वह और माया जीजी नरेन्द्र के साथ क्या कर रही थीं.


मैं जैसे ही बाथरूम के अन्दर जाने वाला था कि मुझे कुछ कामुक सिसकारियों की आवाज आने लगी.

मैंने छेद में से देखा कि पूजा अपनी चूत से खेल रही है.

मैं सीन देख कर वापिस आ गया.


मैंने जय को बीच में टोकते हुए पूछा- जय, क्या पूजा अपनी चूत में उंगली कर रही थी?

जय- नहीं, वह ऊपर से ही अपनी चूत को मसल रही थी.


मैं- अच्छा तो फिर आगे क्या हुआ?


जय फिर से बताने लगा:


फिर वह रोज स्कूल से जल्दी आने लगी और माया जीजी के साथ मिल कर नरेन्द्र के बाड़े में जाने लगी.

मुझे भी यह सब देखने में मजा आता तो मैं भी चुपचाप उन दोनों के पीछे से चला जाता.


मैंने फिर से जय को टोका क्योंकि मैं पूजा की पहली चुदाई के बारे में जानने को उतावला था- तो जय, यह बताओ कि नरेन्द्र ने पूजा को कब चोदा?


जय- एक दिन जब माया जीजी की तबियत खराब थी तो उसने जाने से मना कर दिया. इस पर पूजा माया जीजी को बताए बगैर ही नरेन्द्र के पास चली गई. उसी दिन नरेन्द्र ने पूजा को चोदा था.


मैं- पूरा बताओ, हुआ क्या था और कैसे चुदाई हुई थी?


जय आगे की इंडियन टीनएज Xxx वर्जिन सेक्स कहानी बताने लगा:

उस दिन पूजा अन्दर गई तो नरेन्द्र वहीं पर लेटा हुआ था.


पूजा के अन्दर आते ही वह बोला- आ जा बैठ जा, माया कहां है?

पूजा- वह नहीं आई, उसकी तबियत खराब है.


नरेन्द्र- तो आज हम दोनों करें … तुम्हें अच्छा लगेगा!

पूजा- लेकिन दर्द होगा तो!

नरेन्द्र- अरे थोड़ा सा होगा एक बार … फिर मजा ही मजा है. हर दिन मजा आएगा. फिर तुम्हें माया को नहीं देखना होगा, तुम भी रोज मजा ले सकोगी!


इतना बोल कर नरेन्द्र ने पूजा को अपनी ओर खींच लिया और उसकी गले की चुनरी हटा दी.

वह पूजा के होंठ और गर्दन पर चूमने लगा.


इधर पूजा भी उससे चिपक कर उसको किस कर रही थी.


नरेन्द्र उसके मम्मे दबाने लगा तो पूजा ‘उउ ऊउउ अअअह सस्श …’ करने लगी.


फिर नरेन्द्र ने पूजा का कुर्ता ऊपर उठाते हुए उसके शरीर से बाहर निकाल दिया.


पूजा ने अन्दर बैंगनी रंग की समीज पहनी थी.

उसके निप्पल उसकी समीज से बाहर उठे हुए साफ दिख रहे थे.

ऐसा लग रहा था जैसे दो नुकीली कीलें उठी हों.


फिर नरेन्द्र ने पूजा के निप्पल को समीज के ऊपर से ही पकड़ा और मींजने लगा, साथ ही ऊपर से ही एक निप्पल को मुँह में लेकर दांतों से दबाता तो पूजा की मीठी सिसकारी निकल जाती.


कुछ मिनट बाद उसने पूजा की सलवार का नाड़ा खोल दिया और पूजा नंगी हो गई.


अब वह सिर्फ बैंगनी समीज और गुलाबी पैंटी में खड़ी थी.

यह देख कर नरेन्द्र ने भी अपनी शर्ट व पैंट निकाल दिए.


वह सिर्फ अंडरवियर में था.


उसने पूजा से कहा- मेरी अंडरवियर को नीचे करो.


पूजा ने जैसे ही अंडरवियर को नीचे किया, उसका 5 इंच का लंड पूजा के मुँह पर आ लगा.

उसने पूजा से पूछा- इसको चूसोगी, मजा आएगा.


पूजा ने भी मना नहीं किया और वह लंड को चूसने लगी.


कुछ देर बाद नरेन्द्र के लौड़े से क्रीम निकली जिससे पूजा को उल्टी हो गई.

अब पूजा ने मुँह साफ किया और वह नीचे चटाई पर चित लेट गई.


नरेन्द्र भी पूजा के पास में लेट गया और उसके बूब्स दबाने लगा.

उसने पूजा की समीज उतार दी तो मैं तो देखता ही रह गया.


मेरे सामने पूजा के गोरे गोरे छोटे छोटे चूचे क्या मस्त लग रहे थे.


नरेन्द्र ने पूजा की पैंटी को नीचे किया और वह अपनी उंगली उसकी चूत के अन्दर डाल कर रगड़ने लगा.


इससे पूजा के मुँह से ‘अअह उउह इस्स …’ जैसी मादक आवाजें आने लगीं.


फिर वह उठा और पूजा के दोनों पैरों के बीच में जाकर बैठ गया.

उसने पूजा के दोनों पैर हवा में उठा दिए और पूजा की चूत में थूक लगाने लगा.


अब नरेन्द्र ने अपने लंड पर थूका और लंड को पूजा की चूत पर रख कर पेलने के लिए रेडी हो गया.

उसने अपना एक हाथ पूजा के मुँह पर रखा और लंड पर दाब देकर जोर का झटका दे मारा.


पूजा की तो जैसे सांस ही रुक गई थी.

वह पूरे जोर से चिल्लाने को हुई.


लेकिन नरेन्द्र का हाथ उसके मुँह के ऊपर जमा होने से उसकी आवाज ही नहीं निकल पाई.

पूजा छटपटाने लगी लेकिन नरेन्द्र किसी सांड की तरह पूजा को बकरी समझ कर उसके ऊपर चढ़ा हुआ था.


उसने पूजा को अपने काबू में किया हुआ था.

वह अब पूजा की चूत में झटके पर झटके देने लगा.


मुझे लगा कि आज तो पूजा की चूत फट ही जाएगी लेकिन मैं कुछ कर भी नहीं सकता था.


मेरी बहन दर्द से छटपटा रही थी और नरेन्द्र अपनी पूरी ताकत से मेरी बहन की चूत फाड़ने में लगा हुआ था.


थोड़ी ही देर बाद पूजा को मजा आने लगा और वह अपनी गांड उठाने लगी.

यह देख कर नरेन्द्र ने अपना हाथ उसके मुँह से हटा लिया.


पूजा मस्त होकर कहने लगी- आह हां … ऐसे ही और जोर जोर से करो … आह ऐसे ही करो … बहुत मजा आ रहा है.


अब पूजा मस्ती से अपनी गांड उठाती हुई आह आह ऐसे कर रही थी मानो उसको जीवन के सबसे बड़े सुख का अहसास हो रहा हो.


नरेन्द्र मेरी बहन पूजा के दोनों पैरों को ऊपर उठाए धकाधक चोदे जा रहा था.

वह भी अपनी दोनों टांगों को अकड़ाती हुई बड़े मजे से अपनी चूत चुदवा रही थी.


तभी नरेन्द्र तेजी से झटके देने लगा और कुछ ही देर बाद वह पूजा के ऊपर ही लेट गया.


उसकी गांड मेरी बहन की चूत के ऊपर थिरक रही थी और साफ समझ आ रहा था कि वह अपने लंड का रस मेरी बहन की चूत में छोड़ रहा था.


जब वह उठा तो पूजा की चूत से खून व सफ़ेद वीर्य मिल कर निकल रहा था.


जब पूजा खड़ी हुई और उसने अपनी चूत साफ की तो उसकी चूत का भोसड़ा बन गया था.


उसने अपनी पैंटी पहनी और नरेन्द्र को किस करके अपनी सलवार पहनने लगी.


फिर उसने अपना कुर्ता पहना और खुद को ठीक करके बाहर जाने लगी.


जब उसने कदम आगे बढ़ाए तो उससे चला भी नहीं जा रहा था.

वह धीरे धीरे अपने पैर जमीन से रगड़ती हुई चल रही थी.


घर आते ही वह सो गई.


पूजा के भाई से उसकी बहन की चूत की सीलतोड़ चुदाई की कहानी सुनने के बाद मैंने उससे और कुछ पूछा.

तो वह मुस्कुरा दिया और बोला- पहले कुछ दिलाओ तो यार!


मैंने उससे बाद में पार्टी देने का वायदा किया और उसे चलता किया.


तो दोस्तो, ये थी पूजा की पहली चुदाई … जो उसने अपनी बड़ी बहन मतलब ताऊ की लड़की माया के यार से करवाई थी.


अगली सेक्स कहानी बहुत जल्द आएगी.

तब तक के लिए बाय बाय … आप अपने लंड चूत मसलते रहें और यह इंडियन टीनएज Xxx वर्जिन सेक्स कहानी कैसी लगी

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